भारत में कई तरह के अंधविश्वास या फिर कहे परंपरा सदियों से चले आ रहे हैं. ये अब एक तरह से मान्यता का रूप ले चुके हैं.

दरअसल , कुछ अंधविश्वासों के पीछे वैज्ञानिक कारणों का भी पता चला है जैसे बिल्ली का रास्ता काटना भी इन्हीं में से एक है.

अगर रास्‍ते में जाते हुए बिल्‍ली रास्‍ता काट दे तो इंसान कुछ देर के लिए ठहर जाता है या रास्‍ता बदल देता है.

इन सबके पीछे मान्‍यता है कि बिल्‍ली के रास्ता काटने से अनहोनी या बुरी घटना हो सकती है.

बता दे ये अंधविश्वास वैसे तो सदियों पुरान है, लेकिन आज की पीढ़ी भी इसे मानती है और फॉलो करती है.

काली बिल्ली हो या सफ़ेद उनको अशुभ मानने का अब तक कोई भी वैज्ञानिक कारण सिद्ध नहीं हो पाया है.

बिल्‍ली के रास्‍ता काटते समय रुकने की बात है तो इसके पीछे का कारण है कि वह अपना रास्ता आराम से पार कर पाए.

अगर आप वाहन में है तो आपके वाहन के दौरान उसे नुकसान ना पहुंचे.

जब पुराने समय में चूहों की वजह से प्लेग रोग फैल गया था तो इससे लाखों लोगों की मृत्यु हो गई थी.

चूहे बिल्ली का भोजन है तो बिल्ली से संक्रमण न फैले. इस वजह से भी लोग बिल्ली से दूरी बनाकर रखते हैं.