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रेजिडेंट डॉक्टर वे चिकित्सक होते हैं जिन्होंने अपनी एमबीबीएस की डिग्री पूरी कर ली है और अब किसी मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल में विशेषज्ञ बनने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं.

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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर से रेप और मर्डर केस के बाद विरोध की आग पूरे देश में फैल चुकी है. सोमवार से पूरे देश के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं.

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बता दें की एक जूनियर रेजिडेंट और दूसरा सीनियर रेजिडेंट पद है. सीनियर रेजिडेंट के नेतृत्व में जूनीयर रेजिडेंट डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं.

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मरीज सीधा संपर्क पहले रेजिडेंट डॉक्टर से होता है, न कि हॉस्पिटल विभागाध्यक्ष या फिर किसी कंसलटेंट डॉक्टर से,भारत में रेजिडेंसी के लिए NEET-PG परीक्षा पास करना जरूरी होता है.

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NEET-PG के माध्यम से ही विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंसी के लिए सीटें अलॉट की जाती हैं.वे रोगियों की जांच करते हैं, उनकी बीमारियों का निदान करते हैं और उनकी परेशानी को सुनने व समझने के बाद पूरी ब्रीफ हिस्ट्री तैयार करते हैं.

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जहां रेजिडेंट डॉक्टर सर्जनों की सहायता करते हैं और छोटे-छोटे ऑपरेशन भी करते हैं, नए चिकित्सा उपचारों पर रिसर्च करते हैं, मेडिकल छात्रों को पढ़ाते हैं, हॉस्पिटल के प्रशासनिक कार्यों में भी भाग लेते हैं.

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वहीं रेजिडेंसी की अवधि अलग-अलग विशेषताओं के लिए अलग-अलग होती है. उदाहरण के लिए, सामान्य चिकित्सा में रेजिडेंसी 3 साल की होती है, जबकि सर्जरी में यह 5 या 6 साल की हो सकती है.

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बता दें की रेजिडेंसी पूरी करने के बाद, रेजिडेंट डॉक्टरों के पास कई तरह के करियर के अवसर होते हैं. वे हॉस्पिटल में काम कर सकते हैं, प्राइवेट प्रैक्टिस कर सकते हैं, या रिसर्च कर सकते हैं.