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Cg Politics : BJP की बंद कमरे वाली बैठक में बड़ा संदेश! शिवप्रकाश बोले- जीत का जश्न छोड़ो, मैदान में उतरकर मेहनत करो

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Cg Politics : रायपुर : रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बीजेपी की दो दिवसीय मैराथन बैठकें सिर्फ औपचारिक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं थीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक दौर की रणनीति तय करने वाली अहम बैठकों के रूप में देखी जा रही हैं। 12 मई को प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक हुई, जबकि 13 मई को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। नई प्रदेश कार्यकारिणी की यह पहली बड़ी बैठक थी, इसलिए संगठन के भीतर इसे बेहद महत्वपूर्ण माना गया। बैठक में मंचीय भाषणों से ज्यादा चर्चा बंद कमरों में हुई रणनीति, संगठनात्मक बदलाव और भविष्य की तैयारियों को लेकर रही।

Cg Politics : सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री Shiv Prakash के बयान की रही। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया कि पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मिली जीत के उत्साह में डूबने की जरूरत नहीं है। संगठन को अब और ज्यादा मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद ढील देने के बजाय बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाना होगा।

Cg Politics : बैठक में पश्चिम बंगाल चुनाव की जीत का जिक्र कई बार हुआ। पार्टी नेताओं ने इसे बीजेपी के संगठनात्मक मॉडल की सफलता बताया। अंदरखाने चर्चा रही कि बंगाल में बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क खड़ा करने वाले मॉडल को अब छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में लागू किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिलों से आए पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि केवल सोशल मीडिया और मीडिया बयानबाजी से संगठन मजबूत नहीं होगा। कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संपर्क, फील्ड एक्टिविटी और बूथ स्तर की बैठकों पर ज्यादा फोकस करना होगा।

Cg Politics : शिवप्रकाश ने पश्चिम बंगाल की जीत को वैचारिक विजय बताते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक Syama Prasad Mukherjee की कर्मभूमि में बीजेपी की जीत पार्टी की विचारधारा की जीत है। उन्होंने असम समेत दूसरे राज्यों में मिली सफलता का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी विकसित भारत और समरस समाज के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।

Cg Politics : नई प्रदेश कार्यकारिणी को सबसे बड़ा संदेश यही दिया गया कि संगठन लगातार चुनावी मोड में रहेगा। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब पार्टी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों पर पूरी ताकत लगाने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत नया संगठनात्मक कैलेंडर तैयार किया गया है। इसके अनुसार हर महीने चार स्तरों पर बैठकें होंगी। पहले सप्ताह मंडल पदाधिकारी और कार्यसमिति की बैठक, दूसरे सप्ताह जिला बैठक, तीसरे सप्ताह शक्ति केंद्र बैठक और चौथे सप्ताह बूथ समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सामूहिक रूप से सुनने की भी योजना बनाई गई है।

Cg Politics : बैठक में माइक्रो मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया। बूथ स्तर तक रिपोर्टिंग, कार्यक्रमों की समीक्षा और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी सीधे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी का मानना है कि लगातार समीक्षा और जमीनी फीडबैक से संगठन को हर समय एक्टिव रखा जा सकता है।

Cg Politics : इस बार की बैठकों में एक और बड़ी चर्चा प्रदेश प्रभारी की गैरमौजूदगी को लेकर रही। छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी Nitin Nabin राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में संगठन के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि छत्तीसगढ़ को जल्द नया प्रभारी मिल सकता है। पार्टी के अंदरखाने यह माना जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद प्रदेश संगठन में भी नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

Cg Politics : कोर कमेटी में हुए बदलावों ने भी राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। पार्टी ने कई पुराने और वरिष्ठ चेहरों को कोर कमेटी से बाहर कर दिया, जबकि नई पीढ़ी के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। नई सूची में वित्त मंत्री OP Choudhary, डिप्टी सीएम Vijay Sharma, अमर अग्रवाल, लता उसेंडी और शिवरतन शर्मा जैसे नेताओं को जगह दी गई है। इसे संगठन में नई पीढ़ी और सक्रिय फील्ड नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

Cg Politics : बैठक के दौरान नेताओं के बड़े काफिलों और गाड़ियों की लंबी कतारों पर भी चर्चा होती रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पेट्रोल-डीजल बचाने और कारकेड कम करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन कार्यसमिति बैठक में बड़ी संख्या में वाहन पहुंचे। हालांकि कुछ नेता ई-रिक्शा से भी पहुंचे, जिसकी पार्टी कार्यालय में अलग चर्चा रही।

Cg Politics : बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं और फैसलों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संगठन की होगी। अंदरखाने सबसे बड़ा संदेश यही माना जा रहा है कि बीजेपी अब सिर्फ सत्ता संचालन तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि संगठन को लगातार सक्रिय रखने की रणनीति पर काम कर रही है। पंचायत और निकाय चुनावों की तैयारी, बूथ स्तर की बैठकों का कैलेंडर, कोर कमेटी में बदलाव और शिवप्रकाश का ‘विजय के उत्साह में मत डूबिए’ वाला संदेश इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।