Raipur Petrol Crisis : रायपुर में गुरुवार सुबह से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। राजधानी के शास्त्री चौक, संतोषी नगर, मेकाहारा समेत कई इलाकों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने जैसी स्थिति बन गई, जबकि टिकरापारा, भाठागांव और रिंग रोड के पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग सुबह से ही तेल भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए।
Raipur Petrol Crisis : पेट्रोल संगठन के अध्यक्ष अखिल धगत ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन लोगों द्वारा घबराहट में जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने और स्टॉक करने की वजह से यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियां तय मानकों के अनुसार ही सप्लाई दे रही हैं और पिछले साल मई महीने जितनी ही मात्रा इस बार भी उपलब्ध कराई जा रही है।
Raipur Petrol Crisis : भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई पेट्रोल पंपों ने वाहनों के लिए सीमा तय कर दी है। कारों में अधिकतम 1000 रुपये और बाइक में 400 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। पंप संचालकों का कहना है कि पैनिक बाइंग की वजह से यह फैसला लेना पड़ा।
Raipur Petrol Crisis : ऑयल एसोसिएशन के मुताबिक कुछ जगहों पर डीजल की कमी इसलिए हुई क्योंकि इंडस्ट्री द्वारा बड़ी मात्रा में डीजल खरीदा जा रहा है। पहले इंडस्ट्री को सीधे कंपनियों से सप्लाई मिलती थी, लेकिन अब कई उद्योग पेट्रोल पंपों से ही डीजल खरीद रहे हैं।
Raipur Petrol Crisis : वहीं भिलाई, दुर्ग और पाटन क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में वाहन रायपुर के पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। इंडियन ऑयल डीलर्स एसोसिएशन ने भरोसा दिलाया है कि शाम तक तेल के टैंकर पहुंचने शुरू हो जाएंगे और स्थिति सामान्य हो जाएगी।



